AI Comic: प्राचीन भारत की बात है, यह 4वीं शताब्दी का समय था। गोमती नदी के तट पर सुवर्णपुर नाम का एक समृद्ध राज्य बसा हुआ था। उसी राज्य में भद्रशील नाम का एक व्यापारी रहता था। वह अत्यंत मेहनती व्यक्ति था। उसका रेशमी कपड़ों का व्यापार था और नगर के बड़े बाजार में उसकी एक छोटी-सी दुकान थी। लेकिन उसकी किस्मत उसके व्यापार में साथ नहीं दे रही थी। बड़ी मुश्किल से वह अपनी पत्नी और दो बच्चों का पेट पाल पा रहा था, और किसी तरह जीवन यापन कर रहा था।

Created by cheerful marshmallow

Content Details

Media Information

User Interaction

About this AI Creation

Description

Creation Prompt

Engagement

cheerful marshmallow

cheerful marshmallow

प्राचीन भारत की बात है, यह 4वीं शताब्दी का समय था। गोमती नदी के तट पर सुवर्णपुर नाम का एक समृद्ध राज्य बसा हुआ था। उसी राज्य में भद्रशील नाम का एक व्यापारी रहता था। वह अत्यंत मेहनती व्यक्ति था। उसका रेशमी कपड़ों का व्यापार था और नगर के बड़े बाजार में उसकी एक छोटी-सी दुकान थी। लेकिन उसकी किस्मत उसके व्यापार में साथ नहीं दे रही थी। बड़ी मुश्किल से वह अपनी पत्नी और दो बच्चों का पेट पाल पा रहा था, और किसी तरह जीवन यापन कर रहा था।प्राचीन भारत की बात है, यह 4वीं शताब्दी का समय था। गोमती नदी के तट पर सुवर्णपुर नाम का एक समृद्ध राज्य बसा हुआ था। उसी राज्य में भद्रशील नाम का एक व्यापारी रहता था। वह अत्यंत मेहनती व्यक्ति था। उसका रेशमी कपड़ों का व्यापार था और नगर के बड़े बाजार में उसकी एक छोटी-सी दुकान थी। लेकिन उसकी किस्मत उसके व्यापार में साथ नहीं दे रही थी। बड़ी मुश्किल से वह अपनी पत्नी और दो बच्चों का पेट पाल पा रहा था, और किसी तरह जीवन यापन कर रहा था।प्राचीन भारत की बात है, यह 4वीं शताब्दी का समय था। गोमती नदी के तट पर सुवर्णपुर नाम का एक समृद्ध राज्य बसा हुआ था। उसी राज्य में भद्रशील नाम का एक व्यापारी रहता था। वह अत्यंत मेहनती व्यक्ति था। उसका रेशमी कपड़ों का व्यापार था और नगर के बड़े बाजार में उसकी एक छोटी-सी दुकान थी। लेकिन उसकी किस्मत उसके व्यापार में साथ नहीं दे रही थी। बड़ी मुश्किल से वह अपनी पत्नी और दो बच्चों का पेट पाल पा रहा था, और किसी तरह जीवन यापन कर रहा था।
—— the end ——
Discover more stories or start creating your own!

प्राचीन भारत की बात है, यह 4वीं शताब्दी का समय था। गोमती नदी के तट पर सुवर्णपुर नाम का एक समृद्ध राज्य बसा हुआ था। उसी राज्य में भद्रशील नाम का एक व्यापारी रहता था। वह अत्यंत मेहनती व्यक्ति था। उसका रेशमी कपड़ों का व्यापार था और नगर के बड़े बाजार में उसकी एक छोटी-सी दुकान थी। लेकिन उसकी किस्मत उसके व्यापार में साथ नहीं दे रही थी। बड़ी मुश्किल से वह अपनी पत्नी और दो बच्चों का पेट पाल पा रहा था, और किसी तरह जीवन यापन कर रहा था।

#OC

11 months ago

0
    Online